Connect with us

ABHI-ABHI

भारत की आन बान और शान हैं NSG कमांडो..आ’तंकियों पर मौ’त बनकर बरसते हैं

Published

on

New Delhi  :  देश के सबसे जांबाज सिपाही कहे जाने वाले ब्लैक कैट कमांडो आखिर बनते कैसे हैं? ये सवाल सबके जहन में हमेशा रहता है क्योंकि जब भी देश के एलीट एनएसजी कमांडो आतंक के ख़िलाफ़ ऑपरेशन चलाते हैं तो उस वक्त सबका भरोसा इन पर होता है और लोग यही सोचते हैं कि आख़िर किस भट्टी से तपकर ये कमांडो निकलते हैं।

आज हम आपको बताते हैं कि एक एनएसजी का ब्लैक कैट कमांडो कैसे बनता है ताकि वो ऑपरेशन के दौरान अपने काम मे पीछे न हटे इसके लिए इन ब्लैक कैट कमांडो का मनोवैज्ञानिक टेस्ट भी होता है। तो सबसे पहले जानते हैं कि एनएसजी का एक कमांडो कैसे तैयार होता है।

कमांडोज की ट्रेंनिग बहुत ही कठिन होती है जिसका सबसे बड़ा मकसद यह होता है कि अधिक से अधिक योग्य लोगों का चयन हो सके। ठीक उसी तरह से कमांडोज फोर्स के लिए भी कई चरणों में चुनाव होता है। सबसे पहले जिन रंगरूटों का कमांडोज के लिए चयन होता है, वह अपनी-अपनी फोर्सेज के सर्वश्रेष्ठ सैनिक होते हैं। इसके बाद भी उनका चयन कई चरणों से गुजर कर होता है।

अंत में ये सैनिक ट्रेनिंग के लिए मानेसर एनएसजी के ट्रेनिंग सेन्टर पहुंचते हैं। तो यह देश के सबसे कीमती और जांबाज सैनिक होते हैं लेकिन जरूरी नहीं है कि ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने के बाद भी कोई सैनिक अंतिम रूप से कमांडो बन ही जाए। 90 दिन की कठिन ट्रेनिंग के पहले भी एक हफ्ते की ऐसी ट्रेनिंग होती है जिसमें 15-20 फीसदी सैनिक अंतिम दौड़ तक पहुंचने में रह जाते हैं। लेकिन इसके बाद जो सैनिक बचते हैं और अगर उन्होंने 90 दिन की ट्रेनिंग कुशलता से पूरी कर ली तो फिर वो देश के सबसे ताकतवर कमांडो बन जाते हैं। ये कमांडो सबसे आखिर में मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरते हैं जिसे पास करना अनिवार्य है।

एनएसजी अब ये विचार कर रहा है कि एसपीजी की तर्ज पर एनएसजी के कमांडो का मनोवैज्ञानिक टेस्ट हो। अभी एनएसजी DRDO के तहत तैयार किये गए मनोवैज्ञानिक टेस्ट के जरिये हर तीन महीने में ट्रेनिंग से पास होने वाले 700 से 1000 कमांडो को गुजारता है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री और दूसरे VVIP की सुरक्षा करने वाले एसपीजी कमांडो VIENNA TEST SYSTEM के जरिये कंप्यूटराइज्ड मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरते हैं। इसके जरिए ज्यादा स्टीक नतीजे आने की उम्मीद रहती है। इसी बात के चलते अब एनएसजी भी खुद को अत्याधुनिक बनाने के मकसद से ये कदम बढ़ा रहा है। इसी मकसद से अब एनएसजी में जवानों का सटीक मनोवैज्ञानिक टेस्ट लेने के लिए VIENNA TEST SYSTEM लाने पर विचार कर रही है।

एनएसजी का गठन भारत की विभिन्न फोर्सेज से विशिष्ट जवानों को छांटकर किया जाता है। एनएसजी में 53 प्रतिशत कमांडो सेना से आते हैं जबकि 47 प्रतिशत कमांडो 4 पैरामिलिट्री फोर्सेज- सीआरपीएफ, आईटीबीपी, आरएएफ और बीएसएफ से आते हैं। इन कमांडोज की अधिकतम कार्य सेवा पांच साल तक होती है। पांच साल भी सिर्फ 15 से 20 प्रतिशत को ही रखा जाता है, बाकी कंमाडोज के तीन साल के पूरे होते ही उन्हें उनकी मूल फोर्सेज में वापस भेज दिया जाता है।

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Reimagine.News – News Source

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ABHI-ABHI

लेट हुई तेजस एक्सप्रेस तो होस्टेज ने दिया गिफ्ट, कहा- सॉरी

Published

on

By

New Delhi : क्षमा कीजिए। आपकी ट्रेन लेट हो गई है। आइआरसीटीसी तेजस एक्सप्रेस में हुई इस असुविधा के लिए खेद है। शनिवार को जब तेजस एक्सप्रेस लखनऊ से रवाना हुई तो ट्रेन होस्टेस ने खानपान सामग्री पर सॉरी की स्टीकर लगाकर यात्रियों को वितरित किया।

इतना ही नहीं लखनऊ से नई दिल्ली जाते हुए यात्रियों को गाजियाबाद में फ्री लंच ट्रेन छूटने से पहले चाय व कॉफी भी दी गई। शुक्रवार देर रात लखनऊ जंक्शन पर शंटिंग के दौरान कृषक एक्सप्रेस की बोगियां उतरने के कारण तेजस एक्सप्रेस लेट लतीफी का शिकार हो गई। चार अक्टूबर से शुरू हुई तेजस एक्सप्रेस पहली बार देरी से नई दिल्ली पहुंची। अब तक यह ट्रेन समय से पहले पहुंच रही थी।

कारपोरेट सेक्टर की देश की पहली टे्रन तेजस एक्सप्रेस में एक घंटे से ज्यादा ट्रेन लेट होने पर 100 और दो घंटे से अधिक लेट होने पर 250 रुपये रिफंड देने के लिए आइआरसीटीसी ने सभी यात्रियों को अप्लाई करने का लिंक भेज दिया। लखनऊ से 500 यात्रियों ने अपना टिकट करवाया था। जबकि 450 यात्री रवाना हुए। जबकि नई दिल्ली से 500 यात्रियों ने तेजस एक्सप्रेस से लखनऊ का सफर किया। जिसमें कई विदेशी यात्री भी शामिल थे। तेजस एक्सप्रेस सुबह 6:10 बजे की जगह 2:47 घंटे की देरी से 8:57 बजे रवाना हुई। वापसी में तेजस एक्सप्रेस दोपहर 3:35 बजे की जगह शाम 5:30 बजे रवाना हो सकी।

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Reimagine.News – News Source

Continue Reading

ABHI-ABHI

अभी-अभी: भारतीय सेना ने POK में तबाह किए आतंकी ठिकाने

Published

on

By

New Delhi : पाकिस्तानी फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय सेना ने PoK में आतंकियों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भारतीय सेना के जरिए की गई इस कार्रवाई में आतंकी ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा है।

इस हमले को अंजाम देने के लिए सेना ने आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया है। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने कई आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई में कई लॉन्चिंग पैड तबाह हो गए हैं।

पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। अब पाकिस्तान ने कुपवाड़ा के तंगधार सेक्टर में सीजफायर तोड़ा है। इसमें दो जवान शहीद हो गए हैं। इसके अलावा एक नागरिक की भी मौत हो गई है।

पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में सेना के 3 जवान समेत 8 लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लाइन ऑफ कंट्रोल पर इस वक्त माहौल गर्म है। बौखलाई पाकिस्तान की सेना तंगधार, नौगाम और कुपवाड़ा में लगातार फायरिंग कर रही है।

भारत ने पाकिस्तान की हिमाकत को जोरदार जवाब दिया है। दोनों देश की सेनाओं द्वारा मोर्टार शेल का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की कार्रवाई में पाक अधिकृत कश्मीर में भारी नुकसान हुआ है ।

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Reimagine.News – News Source

Continue Reading

ABHI-ABHI

आज CM योगी से मिलेगा कमलेश तिवारी का परिवार

Published

on

By

New Delhi : हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के परिजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए लखनऊ के लिए निकल चुके हैं। कमलेश तिवारी का परिवार आज सुबह 11 बजे लखनऊ के 5 कालीदास मार्ग पर CM योगी से मुलाकात करेंगे, जहां वह उनके सामने अपनी मांग रखेंगे।

बता दें इससे पहले शनिवार को कमिश्नर लखनऊ मुकेश कुमार मेश्राम और आइजी जोन एसके भगत सीतापुर के महमूदाबाद पहुंचे थे, जहां उन्होंने परिवार की मुलाकात योगी आदित्यनाथ से कराने सहित नौ मांगों के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ, जिसके बाद शनिवार दोपहर को कमलेश तिवारी के बड़े बेटे सत्यम तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी।

बता दें कमलेश तिवारी के परिजनों का आरोप है कि कमलेश तिवारी की सुरक्षा में जिन पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था वह उस दिन देरी से आए थे, जिस दिन कमलेश तिवारी की हत्या हुई। ऐसे में उन्हें किसी पर विश्वास नहीं है। कमलेश तिवारी के परिवार ने उनकी हत्या पर एनआईए (NIA) जांच की भी मांग की है और लगातार प्रदेश सरकार पर हमला कर रहे हैं।

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Reimagine.News – News Source

Continue Reading

Trending

a venture of reimagine labs media pvt.ltd.